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Wednesday, 25 May 2011

ब्रेक के बाद –आपका भविष्य

ब्रेक के बाद –आपका भविष्य
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टी.वी. वाले भी गजब ढाते है
पहले तो ये ख़बरें दिखाते है
पेट्रोल के दाम पांच रूपये बढे
ढूध के दाम दो रूपये चढ़े
रिज़र्व बैंक ने ब्याज की दरें बढाई
इस हफ्ते फिर बढ़ी महंगाई
इस बार महंगा आम होगा
बंद के कारण सड़कों पर जाम होगा
फलों को केमिकल से ,बढ़ाते ,पकाते है
मिठाइयों में सिंथेटिक खोवा मिलाते है
इस बार गरमी का ,रिकार्ड टूट जायेगा
बिजली में कटौती होगी,पानी कम आएगा
झपट्टेमार खींच लेते गले से चेन है
बेकाबू कानून व्यवस्था ,कर रही बेचैन है
और इसके बाद,हमें ये सुनायेंगे
ब्रेक के बाद,
आपका आपका आज का दिन कैसा रहेगा,
पंडित जी बतलायेगे

Wednesday, 11 May 2011

Samay ke sath television

प्रायः ये देखा गया है कि घरों में किसी न किसी विषय को लेकर          
चर्चाएँ होती रहती है. उन्ही में से एक टी.वी.program bhi है.विचार
करें जब आप पूरे परिवार के साथ टी.वी.देखने बैठते हैं तो,
कोई समाचार dekhna, तो कोई sas-बहु के program , aur कोई
कार्टून तो कोई cricket dekhna पसंद करता है, और वो bhi एक
ही समय पर. तो बेचारे रिमोट का हाल तो हाकी के उस गेद की 
तरह हो जाता होगा जो कभी इधर तो कभी उधर घूमता रहता है.
जरा विचार करें जब टी. वी. पर एक ही चैनेल हुआ करता था,
तो हम कृषि दर्शन सेलेकर रूकावट के लिए खेद है,तक एकसाथ 
देख लिया करते थे. लेकिन आज तो चैनलों की बाढ़ है फिर bhi कोई पूर्ण मनोरंजन नहीं ले पता है.यदि इसी तरह रहा तो एक   दिन  प्रत्येक गावं तथा प्रत्येक मोहल्ले का अपना खुद का चैनेल
होगा और संभव है कि इसी प्रतिस्पर्धा में जातिगत चैनेल जैसे 
कि,-पाठक चैनेल, मिश्रा  चैनेल, राय चैनेल,यादव चैनेल इत्यादि.
 इन चैनलों में आने वाले समाचार अपने-अपने मोहल्लों से 
सम्बंधित रहेंगे, जैसे कि ;-मिश्राजी  सस्पेंड हो गए, कल्लू धोबी
 ने शर्माजी की पैंट जला दी,सिंहजी के लड़के ने नई साईकिल 
खरीदी, व राय साहेब की दूसरी बीबी तिवारीजी के साथ भाग
 गयी इत्यादि.समाचार के बाद मिस पाठक कहेंगी आप देख 
रहे है पाठक टी.वी. अभी आप प्रियंका पाठक से समाचार सुन
 रहे थे, अब अंकुर पाठक से भजन सुनिए.भजन के बाद
 राजेश पाठक मौसम की जानकारी देंगे.जो bhi हो हसता -
रुलाता टी. वी. चैनेल कहीं न कही घर का सदस्य बन बैठा है,
जिसके बगैर हमारा परिवार चल नहीं सकता.  

koi dewanw kahata hai

कोई दीवाना कहता है
कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को
बस बदल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ
तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है
या मेरा दिल समझता है"

"मोहब्बत एक एहसासों की
पावन सी कहानी है
कभी कबीरा दीवाना था
कभी मीरा दीवानी थी
यहाँ सब लोग कहते है
मेरी आँखों में आंसू है
जो तू समझे तो मोती है
जो ना समझे तो पानी है"

"समंदर पीर के अंदर है
लेकिन रो नहीं सकता
ये आंसू प्यार का मोती है
इसको खो नहीं सकता
मेरी चाहत को दुल्हन तू
बना लेना मगर सुनले
जो मेरा हो नहीं पाया
वो तेरा हो नहीं सकता "

भर्मर कोई कुमुदनी पर
मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब
पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूब कर सुनते थे
सब किस्सा मोहब्बत का
हम किस्से को हकीक़त में
बदल बैठे तो हंगामा